प्रेमपुरी आश्रम ट्रस्ट की अहं स्थायी प्रवॄत्ति "प्रातः सत्संग प्रवचन" है भारतवर्ष के विविध आश्रमों के पीठाधीश विद्वान संत नियोजित कालावधी में प्रातःकाल वेदांत पर प्रवचन करते है. इस दरम्यान स्वामीजी आश्रम भवन में निवास करके आश्रम को पावन करते है. भारतीय ॠषीयों का यह पवित्र न्यान विद्वान संतों के मुखारविंद से श्रवण करना यह श्रोता सत्संगीयों को पुनित पावन प्रसंग अनुभव होता है. जिससे सत्संगी, प्रापंचिक समस्याऑं को निडर होकर सन्मुख होते है. उन्हें ईश्र्वर के सच्चिदानंद स्वरूप का ज्ञान होता है. "प्रातः सत्संग प्रवचन" वर्ष के 365 दिन - हररोज प्रातः 7.30 से 8.30 तक होता है."प्रातः सत्संग प्रवचन" के विशेष जानकारी हेतु
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