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प्रातः स्वाध्याय सभा (मार्गदर्शन में स्वयं शिक्षण)

Imageप्रातः सत्संग प्रवचन के नियमीत सत्संगीयों की ज्ञानार्जन एवं शंका समाधान करने के हेतु, प्रातः प्रवचन के तुरन्त बाद स्वाध्याय सभा का आयोजन होता है, जिसमें जिज्ञासु सत्संगी विद्वान संतों से वेदांत पर चर्चात्मक अभ्यास करते है. स्वयं स्वामीजी गुरू - शिष्य परंपरा के गुरूकुल से आने के कारण यहाँ स्वाध्याय में सत्संगीयों से वैयक्तिक स्तर पर वार्तालाप करके उनकी जिज्ञासा तृप्त करते है.
व्यासंगी सत्संगी को कोई भी प्रश्न पूछने की अनुमति होती है तथा उनका शंका समाधान किया जाता है.
स्वाध्याय में एक ही विषय वर्ष-दो वर्ष भी चलता है. एक ही विषय अनेक संतों के अपने -अपने शैली में सुनने से विषय को गहराई तक सत्संगी पहूँचते है तथा अनुभव विशेष सुखद होती है

स्वाध्याय सभा सोमवार से शनिवार प्रतिदिन .४५ से .४५ हिंदी भाषा में होती है. 

स्वाध्याय की विशेष जानकारी हेतु  यहाँ क्लिक करें. 

 

 

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- अद्वैत वेदांत -
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Special Program - Shivanand Lahari

विशेष प्रवचन - वाक्यवृत्ति

Special Program - VakyaVritti